

वकफ नंबर 322 की संपत्ति को लेकर घोटाला, मौलानाओं पर गंभीर आरोप
सहारनपुर, उत्तर प्रदेश – वकफ नंबर 322 की संपत्ति को लेकर एक नया विवाद सामने आया है, जिसमें कई मौलानाओं पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। वकफ की संपत्ति को लूटने के आरोप में मदरसा मजाहिर उलूम जदीद के मौलानाओं का नाम सामने आ रहा है।
मौलाना अरशद मदनी और उनके बेटे पर सवाल
सूत्रों के अनुसार, मदरसा के मौलानाओं ने वकफ नंबर 322 की संपत्ति की लूट-खसोट में अपने हाथ रंगे हैं। खासकर हजरत मौलाना अरशद मदनी साहब के बेटे, मौलाना हबीबुल्लाह मदनी, जो इस संपत्ति के मुतवल्ली हैं, पर भी इस घोटाले में शामिल होने का आरोप है। यह प्रश्न उठ रहा है कि क्या मौलाना अरशद मदनी ने अपने बेटे को संपत्ति के बारे में कोई चेतावनी दी थी या वह धन इकट्ठा करने के लालच में अंधे हो गए हैं।
मौलानाओं का भ्रष्टाचार और मदरसे का पैसा
मदरसा मजाहिर उलूम के मौलानाओं ने वकफ संपत्ति को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे लोगों के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज करवाए थे, जिनकी सुनवाई अभी इलाहाबाद हाईकोर्ट में चल रही है। आरोप है कि इन मौलानाओं ने मदरसे के पैसों का दुरुपयोग किया और महंगे वकील खड़े किए हैं, जो कानूनी प्रक्रिया में लगे हुए हैं। यह सारा पैसा मदरसे की तिजोरी से ही निकालकर कानूनी लड़ाई में खर्च किया जा रहा है।
वकफ संपत्तियों की सुरक्षा का संकट
इस मामले ने वकफ संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है। मदरसा मजाहिर उलूम और उससे जुड़े मौलानाओं के भ्रष्टाचार ने वकफ संपत्तियों को लूटने की प्रक्रिया को आसान बना दिया है, जबकि वकफ संपत्तियों को बचाने की मुहिम को कमजोर किया जा रहा है।
समाज में उबाल
यह घटना स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है। समाज में कई लोग इस भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं और इन मौलानाओं से जवाबतलब करने की मांग कर रहे हैं।
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